कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन में प्रियंका गांधी के स्वागत में बिछे गुलाब, आखिर क्यों कट गया बवाल…

भोपाल : गुलाब प्रेम की निशानी होता है लेकिन फिलहाल ये सियासी मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन में शरीक होने प्रियंका गांधी वाड्रा रायपुर पहुंचीं और उनके स्वागत में सड़क पर गुलाब बिछा दिए गए। करीब दो किलोमीटर तक सड़क लालम-लाल थी। करीब 33600 किलों गुलाब की पंखुड़ियां उनके स्वागत में बिछी हुई थी और अब इनसे गुलाल बनाया जा रहा है। इसे लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज़ जताया है।

गुलाब, गुलाल और बवाल

होली का त्योहार आने को है और इन गुलाबों से बनाया जाने वाला गुलाल इस दिन उपयोग होगा। लेकिन प्रियंका गांधी के पैरों से उठाए गए गुलाब का गुलाल बनाने का विरोध करते हुए बीजेपी ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी इस मामले में आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि पैरों से कुचले गए गुलाब का गुलाब बनाकर छत्तीसगढ़ के जनजातीय भाइयों के माथे पर लगाया जाए, ये उनका अपमान है। इसी के साथ उन्होने आरोप लगाया कि हमेशा से कांग्रेस की सोच आदिवासी विरोधी रही है और ये उनकी मानसिकता को दर्शा रहा है। उन्होने कहा कि ये गुलाब भगवान के चरणों से नहीं आए है और उसे माथे पर लगाना..आदिवासियों को नीचा दिखाने की कोशिश है। कांग्रेस की ये सोच गुलाब और गुलाल के रूप में सामने आ रही है।

कमलनाथ पर तंज

वहीं बुधवार को आए मध्य प्रदेश के बजट को कमलनाथ द्वारा सत्यानाशी बताने पर नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि ‘वे अहाते बंद होने से आहत हैं।’ गृह मंत्री ने कहा कि ‘इस बजट में गांव, गरीब, मजदूर, किसान और सबसे ज्यादा माता बहनों के हितों के लिए प्रावधान किया गया है बजट में। यह बात अलग है कि इसमें आइफा अवॉर्ड और सलमान-जैकलीन के लिए प्रावधान नहीं है।’ उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के शराब दुकानों के अहाते बंद करने के निर्णय से कमलनाथ जी बहुत विचलित हैं, इसीलिए वह विकासोन्मुखी बजट को सत्यानाशी बजट बता रहे हैं।

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