भोपाल : मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। हाल ही में मोहन सरकार ने कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुरूप भत्ते देने का फैसला लिया है, इसके लिए कैबिनेट ने भी मंजूरी दी है। नई दरें अप्रैल 2025 से लागू होंगी, ऐसे में मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन में इन भत्तों को सातवें वेतनमान के अनुरूप जोड़कर दिया जाएगा।

कैबिनेट बैठक के फैसले के तहत शासकीय सेवकों के लिये 7वें वेतनमान में देय मूल वेतन के आधार पर A श्रेणी के नगरों के लिए 10%, B श्रेणी के नगरों के लिए 7%, C एवं D श्रेणी के नगरों के लिए 5% के आधार पर गृह भाडा भत्ता प्रदान किया जायेगा। नई दरों के लागू होने से अनुमानित तौर पर प्रतिमाह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन में 2850, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 5 हजार और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को 7500 और प्रथम श्रेणी अधिकारियों को 10 हजार रुपये न्यूनतम वृद्धि होगी।
इन भत्तों में भी वृद्धि
- ए श्रेणी के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में सातवें वेतनमान में मूल वेतन का 10 प्रतिशत एचआरए मिलेगा। बी श्रेणी यानी संभागीय मुख्यालय में सात प्रतिशत और सी व डी श्रेणी के तहसील, कस्बे या ग्रामीण क्षेत्र में पांच प्रतिशत की दर से एचआरए दिया जाएगा।
- दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, मील भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू समान का परिवहन एवं स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के आधार पर वृद्धि, की जायेगी।
- अतिरिक्त कार्य के लिए दोहरा भत्ता, राज्य शासन के पात्र चिकित्सकों व चिकित्सा शिक्षकों को दिये जाने वाला अव्यवसायिक भत्ता, सचिवालयीन भत्ता एवं मंत्रालयीन अधिकारियों के लिए विशेष भत्ता की स्वीकृति दी गयी है।
केन्द्र से अब भी पीछे है एमपी कर्मचारी
- मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 200 वाहन भत्ता पिछले 9 साल से मिल रहा था जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता अब 55% महंगाई भत्ते के साथ 2790 प्राप्त होगा।
- केंद्र में विकलांग को वाहन भत्ता 3600 रुपए मिलता है और अब मध्य प्रदेश कर्मियों को 671 रुपए मिलेंगे। गृह भाड़ा भत्ता अप्रैल 2025 से 10%, 7%, 5% किया गया है जबकि केंद्र में सातवें वेतनमान में 10% 20% 30% दिया जा रहा है।
10% एचआरए पर कितनी बढ़ेगी सैलरी
- प्रथम श्रेणी – 7000 से 10000 (पहले 35 सौ से पांच हजार)
- द्वितीय श्रेणी – 6000 से 8000 (पहले तीन हजार से चार हजार)
- तृतीय श्रेणी – 4000– 6000 (पहले दो हजार से तीन हजार)
- चतुर्थ श्रेणी – 2000– 4000 (पहले एक हजार से दो हजार)