भोपाल : मध्य प्रदेश शासन के नियम के अनुसार सेवानिवृत अधिकारियों/कर्मचारियों को उस विभाग की जरूरत के आधार संविदा नियुक्ति दी जा सकती है, इस नियम के तहत प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से अधिकारियों के रिटायर होने के बाद उन्हें शासन संविदा आधार पर नियुक्त कर देता है लेकिन ग्वालियर में एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसमें शासन ने जिस रिटायर अधिकारी को संविदा नियुक्ति दी उसे तत्काल ही समाप्त भी कर दिया

कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश विंध्याचल भवन भोपाल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित ग्वालियर को एक पत्र भेजकर सेवानिवृत्त अधीक्षक गिरधारी लाल शर्मा की सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति के संबंध में निर्देशित किया है।
पहले संविदा नियुक्ति दी फिर निरस्त किया
पत्र में कहा गया है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित ग्वालियर में पदस्थ अधीक्षक गिरधारी लाल शर्मा 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए थे उसके बाद उन्हें 6 महीने के लिए संविदा नियुक्ति प्रदान करने की अनुमति दी गयी थी। लेकिन अब उसे निरस्त किया जाता है।
वित्तीय अनियमितता की शिकायत बनी संविदा नियुक्ति में बाधक
पत्र में कारण बताते हुए कहा गया है कि संयुक्त आयुक्त सहकारिता ग्वालियर संभाग ग्वालियर द्वारा 1 अप्रैल 2025 को भेज गए पत्र में सेवानिवृत्त अधीक्षक गिरधारी लाल शर्मा के विरूद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में जानकारी भेजी गई है, पत्र में शर्मा के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित शिकायत होने के कारण उनकी संविदा नियुक्ति की अनुमति पर पुनर्विचार करने के लिए लिखा गया है।
सहकारिता विभाग के आयुक्त ने निरस्त की संविदा नियुक्ति
आयुक्त सहकारिता के अनुमोदन से जारी पत्र में कहा गया कि उक्त शिकायत के बाद नियमानुसार परीक्षण के बाद 28 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त अधीक्षक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित ग्वालियर गिरधारी लाल शर्मा को प्रदान की गयी संविदा नियुक्ति की अनुमति निरस्त की जाती है।